Coronavirus का Vaccine कब तक बनेगा और इसमें इतना समय क्यों लग रहा है?

कोरोना वायरस का वैक्सीन कब तक बनेगा और इसमें इतना समय क्यों लग रहा है?

कोरोना महामारी पूरे दुनिया बड़ा रूप ले रही है इसलिए इससे निपटने के लिए सबको वैक्सीन की आशा है कि कब ये वैक्सीन आए और ये महामारी खत्म होगी। बहुत सारे वैज्ञानिक वैक्सीन पर बहुत तेजी से काम कर रहे है।

कोरोना वायरस के मामले में पूरी दुनिया में भारत तीसरे नम्बर पर आ चुका है USA और Brazil के बाद कोरोना को रोकने के लिए वैक्सीन की बहुत जल्दी आवश्यकता है तो सभी लोगों के मन में ये सवाल है की ये वैक्सीन कब आएगी और और इतना समय क्यों लग रहा है इस सवाल का जवाब जानने से पहले कुछ चीजें समझना जरूरी है।

वैक्सीन क्या होती है और कैसे काम करती है?
वैक्सीन हमारे शरीर में पहले से लगाई जाती है ताकि हमारा शरीर तैयार हो सके बीमारियों से लड़ने के लिए। जैसे कि आर्मी की नौकरी में ट्रेनिंग कराई जाती ताकि हमारा शरीर तैयार को सके किसी भी परिस्थिति से लड़ने के लिए। इसी तरह वैक्सीन काम करती है हमारे शरीर को तैयार करती है बीमारियों से लड़ने के लिए। 

जब हमारे शरीर में कोई Pathogen (Virus ,Bacteria,Protozoa) आक्रमण करता है तो हमारा Immune system जवाब देता है, Immune system के तीन मुख्य काम होते है -

  1. Pathogens का पता लगाना। 
  2. Pathogens से लड़ना और इन्हें बाहर फेकना ये काम white blood cells (ये antibodies उत्पन्न करते है Pathogens से लड़ने के लिए) का होता है। जब ऐसा होता है तो हमारे शरीर में लक्षण आते है जैसे कि बुखार, खाँसी, जुखाम इन लक्षणों को देख कर पता चलता है कि हमारा शरीर लड़ रहा है।
  3. Immune system का काम होता है याद रखना कौनसा Pathogen आया था और अगली बार इस तरह का Pathogen आएगा तो क्या प्रतिक्रिया देनी है।

वैक्सीन पहले से ही याद रख लेती है कि किस तरह से Pathogen से लड़ना है। और हमारे Immune system को तैयार करती है की कम समय  में ज्यादा प्रभावशाली तरीके से Pathogen  कैसे से लड़ना है।

वैक्सीन किस तरह से बनती है इसकी प्रक्रिया क्या है ?
वैक्सीन के अंदर Pathogens खुद ही मौजूद होते है अलग अलग स्थिति में -

  • Pathogens मरे हुई स्थिति में मौजूद हो सकते है वैक्सीन में।
  • Pathogens को कमजोर बना कर वैक्सीन में उपयोग किया जाता है
  • कई बार टुकड़े टुकड़े कर Pathogens का  वैक्सीन बनाने में उपयोग किया जाता है।

 वैक्सीन अलग अलग प्रकार से बनाई जाती है:

  • यदि वैक्सीन Pathogens को कमजोर बना कर बनाई गई है तो इस प्रकार की वैक्सीन को Live attenuated vaccine कहते है। ये बहुत प्रभावशाली होती है लेकिन इस वैक्सीन को बनाने में लम्बा समय लगता है इस तरह की वैक्सीन Chicken pox, Small pox में इस्तेमाल की जाती है।
  • जो वैक्सीन Pathogens को मारकर बनाई जाती है इस तरह की वैक्सीन को Inactivated Vaccine कहते है। इस तरह की वैक्सीन प्रयोग की जाती है Flu, Polio, Rabies इस तरह की वैक्सीन Strong immunity नहीं देती है और दीर्घ काल तक immunity नहीं देती है इन वैक्सीन की dose बार बार लेनी पड़ती है।
  • जो वैक्सीन Pathogens के टुकड़े करके बनाई जाती है उसे कहते है Subunit vaccine.ये वैक्सीन Hepattitis B और HBV में इस्तेमाल की जाती है।

ये तीन तरह की सामान्य श्रेणी है और भी बहुत तरह की वैक्सीन होती है।

कितना समय लग सकता है वैक्सीनको बनाने में !
आमतौर पर 10 साल लग सकते है एक वैक्सीन को बनाने में लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है Covid 19 की वैक्सीन काम जिस तेजी से चल रहा उस हिसाब एक से डेढ़ साल में भी तैयार की जा सकती है अभी तक सबसे जल्दी बनने वाली वैक्सीन Mumps की वैक्सीन थी इस वैक्सीन को बनाने में चार साल लगे थे।

वैक्सीन को बनाने में लंबा समय भी लग सकता है जैसे कि HIV की वैक्सीन जो अभी तक नहीं बनी है अनुमान लगाया जा रहा है कि ये 2030 बन जाएगी। इसे बनाने में 50 साल लगेंगे यदि ये वैक्सीन 2030 में बन कर तैयार हो जाती है।

वैक्सीन को मुख्य रूप से तीन चरणों मे तैयार किया जाता है -
Research stage - इस stage में वैज्ञानिक रिसर्च करके पता लगाते है कि किस तरीके से वैक्सीन बनाई जा सकती है।

Testing stage - इस stage में परीक्षण किया जाता है कि जो वैक्सीन चुनी है वो कितनी प्रभावशाली है और कितनी सुरक्षित है।

Testing stage में भी अलग अलग स्टेज होती है -
Pre-clinical trial - ये परीक्षण प्रयोगशाला में  वैक्सीन को जाँचने के लिए किए जाते है इस परीक्षण में ये देख जाता है कि वैक्सीन कितनी प्रभावशाली और सुरक्षित है ये कोशिकाओं पर किए जाते है या फिर जानवरों पर किये जाते है इसके बाद मनुष्यों पर टेस्टिंग की जाती है। जिसे कहते है Clinical trials.

Clinical trial में भी चार अलग अलग चरण होते है - पहले चरण में Trial केवल कुछ लोगों पर किया जाता है कि वैक्सीन प्रभावशाली और सुरक्षित है या नहीं।

इसके बाद दूसरे चरण में 100 लोगों पर Trial किया जाता है ये Trial कुछ महीनों के लिए किया जाता है इसमें देखा जाता कि किस Dose में ये वैक्सीन दी जाए और कितनी इसकी तीव्रता है बीमारी से लड़ने की। तीसरे चरण में 1000 लोगों पर Trial करके देखा जाता है  इसमे सालों तक लग सकते है ये लंबे समय तक किया जाता है क्योंकि इस Trial में देखा जाता की कोई Side effect तो नही आ रहे है। और कितनी सुरक्षित है। चौथे चरण में अनुमोदन के लिए भेजा जाता है सरकार के पास जिससे लाइसेंस मिलता अनुमति मिलती है वैक्सीन बनाने का और बेचने का ।

Manufacturing stage - इसमें कारखाने लगाए जाते है वैक्सीन बनाने के लिए।

दुनिया भर में क्या स्तिथि है Covid 19 वैक्सीन बनाने का -

  • इस वक्त दुनिया भर में लगभग 100 से ज्यादा वैक्सीन पर काम चल रहा है जो कि Preclinical stage में है
  • WHO लगभग 70 वैक्सीन पर नजर बनाए हुए है।
  • वर्तमान स्थिति में दुनिया भर के 10 विभिन्न देशों में करीब 17 संभावित वैक्सीन Clinical trial की Stage में है।

विभिन्न देशों में जो वैक्सीन सबसे आगे चल रही है -
USA में वर्तमान में चार संभावित उम्मीदवार जिनका काम वैक्सीन पर चल रहा है इसमें सबसे आगे Modern company के द्वारा बनाई जा रही वैक्सीन है इस कंपनी ने मनुष्य पर परीक्षण मार्च में ही शुरू कर दिया था और अब तीसरे चरण का परीक्षण करेंगे। ये परीक्षण करीब 30000 लोगों पर करने का प्लान है।

Germany में एक वैक्सीन पर काम चल रहा है जो कि Pfizer and Biotech company द्वारा बनाई जा रही। इन्होंने 45 लोगों पर परीक्षण किया था इस परीक्षण में पाया जब वैक्सीन का 100g Dose मरीज को दिया गया इनमें से 50% मरीजों में बुखार और नींद में दिक्कत हुई हालांकि कोई side effect जानलेवा नही था। इनका प्लान है की जो इनका तीसरे चरण का Clinical trial होगा वो जुलाई के अंत में शुरू होगा।इस परीक्षण में सामान्य रूप से 5 साल लग जाएंगे लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है यदि ये जल्दी अनुमोदन लेकर किया गया तो ये एक साल के अंदर पूरा किया जा सकता है।

UK में Oxford university के द्वारा एक वैक्सीन बनाई जा रही है एक्सपर्ट्स का मानना है Covid 19 की वैक्सीन की रेस में पहले नम्बर पर है Oxford university की वैक्सीन। इनका दूसरा चरण का परीक्षण पूरा हो चुका है। तीसरे चरण का परीक्षण 28 जून को शुरू किया था ये परीक्षण 5000 लोगों पर ब्राज़ील में हो रहा है। इनका मानना है ये परीक्षण अगस्त माह के अंत तक पता लग जायेगा । यदि ये वैक्सीन सफल होती है तो 2021 की शुरुआत में बाज़ार में मिलना शुरू हो जाएगी।

भारतीय वैक्सीन - 
भारत मे सबसे ज्यादा उम्मीद दिख रही है एक वैक्सीन की जिसे नाम दिया गया है Covaxine. ये Bharat biotech company द्वारा बनाई जा रही है जो कि हैदराबाद में है इन्हें पहले से ही अनुमोदन मिल चुका है कि ये मनुष्यों पर परीक्षण शुरू कर सकते है पहला चरण और दूसरा चरण माना जा रहा है कि इसी हफ्ते से शुरू होगा। ये 1000 लोगों पर टेस्टिंग शुरू करेंगे। लेकिन ये कहना कि 15 अगस्त तक कम्पलीट हो जाएगी ये बहुत मुश्किल लगता है क्योंकि बांकी देशों में पहले और दूसरे चरण हो भी चुके और हमारे यहाँ एक महीने में सारे चरण कैसे पूरे होंगे।